मनोज मुंतशिर

    तेरी गलियां, तेरे संग यारा, कौन तुझे, मैं फिर भी तुमको चाहूंगा, मेरे रश्के कमर, देखते देखते जैसे विख्यात गीतों और देश के सबसे बड़े हिट फिल्म 'बाहुबली' के संवाद लेखक एवं गीतकार मनोज मुंतशिर, इस दशाब्दी के विख्यात कवि हैं, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में गीतों को नया रूप दिया है। देश के विख्यात साहित्यकारों में मनोज जी का नाम लिया जाता है। मनोज जी के युवा प्रशंसक उन्हें स्नेह से 'कलम के बाहुबली' कहते हैं। फ़िल्म जगत के लगभग सारे बड़े पुरस्कार जीतने वाले मनोज जी की जड़े हिंदी साहित्य में गहरे पैठी हैं। उनकी कविताओं का पहला संग्रह 'मेरी फितरत है मस्ताना' प्रकाशित होते ही मात्र 24 घंटों में अमेज़ॉन के पहले पायदान पर पहुंच गई। हम हिंदी कविता का उत्सव उस व्यक्तित्व के साथ मनाएंगे जो गर्व से खुद को 'हिंदी माँ का बेटा' कहते हैं।

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