भारत का पश्चिमी क्षेत्र वाणिज्य एवं व्यवसाय के केंद्र के रूप में जाना जाता है, तथा साथ ही भारत के साहित्य एवं कलाओं के क्षेत्र में इसका योगदान सदा से अतुलनीय रहा हैI गुजरात के महान नाटककार हो या महाराष्ट्र के भाषाविद्‍ या शब्दशिल्पी, यहाँ के साहित्यप्रेमियों ने अपने लगन और अथक समर्पण भाव से भारतीय साहित्य कोश को सुसमृद्ध किया हैI यह सुखद आश्चर्य है कि इनके प्रयास से आज साहित्य समाज के हर स्तर के लोगों के लिये सुलभ हो पाया हैI